# रांची में छात्रों पर लाठीचार्ज: जयराम महतो के गंभीर आरोपों ने मचाया सियासी बवाल
**झारखंड में JPSC और JSSC-CGL परीक्षाओं को लेकर सुलग रहा आंदोलन अब एक बड़े विवाद में बदल चुका है। रांची में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के बाद JLKM विधायक जयराम कुमार महतो (Tiger Jairam Mahato) ने राज्य सरकार और पुलिस पर सीधा और तीखा हमला बोला है।**
## मामला क्या है?
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक को लेकर हजारों अभ्यर्थी लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। मांग साफ है — JSSC-CGL परीक्षा रद्द हो, पूरे मामले की CBI जांच हो, और भर्ती प्रक्रिया में बड़े ढांचागत सुधार किए जाएं। रांची में विधानसभा घेराव के दौरान यह आंदोलन उग्र हो गया और पुलिस को बैरिकेडिंग, वाटर कैनन, आंसू गैस और लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा।
इसी लाठीचार्ज की घटना ने अब सियासी तूफान खड़ा कर दिया है।
## जयराम महतो का आरोप: "धोखे से हुआ लाठीचार्ज"
JLKM विधायक जयराम कुमार महतो ने आरोप लगाया है कि दिनभर छात्रों का आंदोलन पूरी तरह अनुशासित और शांतिपूर्ण था। उनके अनुसार, रात होते ही प्रशासन ने सोची-समझी रणनीति के तहत लाइटें बुझा दीं और अंधेरे का फायदा उठाया गया।
महतो का यह भी दावा है कि छात्रों को यह भरोसा देकर बिठाया गया कि उनसे सार्थक बातचीत होने वाली है। छात्र इसी उम्मीद में शांति से बैठे रहे, और तभी अचानक उन पर बर्बरता से लाठियां बरसा दी गईं।
## महिला अभ्यर्थियों के साथ अभद्रता का दावा
इस पूरे प्रकरण का सबसे विवादास्पद और गंभीर हिस्सा वह आरोप है जो जयराम महतो ने महिला अभ्यर्थियों को लेकर लगाया। उनके मुताबिक, प्रदर्शन स्थल पर महिला पुलिसकर्मियों की पर्याप्त मौजूदगी नहीं थी, बावजूद इसके पुरुष पुलिसकर्मियों ने महिला छात्राओं के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार किया। महतो का दावा है कि इस दौरान कई छात्राओं के कपड़े तक फट गए।
महतो ने यह भी आरोप लगाया कि कई युवाओं को जानबूझकर संवेदनशील अंगों पर गंभीर चोटें पहुंचाई गईं, जिससे वे अस्पताल जाने को मजबूर हुए।
**स्पष्ट रहे:** ये सभी दावे फिलहाल जयराम महतो के बयान पर आधारित हैं। इस तरह के गंभीर आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि प्रशासनिक जांच या मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही हो सकती है। विधायक ने विधानसभा में इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग भी उठाई है।
## "झारखंड पुलिस की छवि पर धब्बा"
जयराम महतो ने इस घटना को झारखंड पुलिस के लिए शर्मनाक बताते हुए कहा कि इस तरह के अमानवीय व्यवहार ने पुलिस की छवि को पूरी तरह धूमिल कर दिया है। उन्होंने राज्य सरकार से इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की है।
## छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की बिगड़ी तबीयत
इस लाठीचार्ज की घटना के बाद आंदोलन का चेहरा बन चुके छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत भी बिगड़ गई, जिसके बाद विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने राज्य सरकार के खिलाफ अपना रुख और सख्त कर लिया है।
## आगे क्या?
छात्र अभी भी अपनी मुख्य मांगों — JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने, CBI जांच और भर्ती सुधारों — पर अड़े हुए हैं। सरकार की ओर से कुछ मांगों पर सहमति बनने की बात कही जा रही है, लेकिन CBI जांच और परीक्षा रद्द करने के मुद्दे पर गतिरोध बरकरार है। लाठीचार्ज विवाद ने आंदोलन को और तेज़ कर दिया है, और अब देखना यह होगा कि झारखंड सरकार इस पर क्या रुख अपनाती है।
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*यह एक विकासशील (developing) खबर है। लाठीचार्ज को लेकर लगाए गए विशिष्ट आरोपों की पुष्टि आधिकारिक जांच के बाद ही हो सकेगी। अपडेट के लिए विश्वसनीय समाचार स्रोतों पर नज़र बनाए रखें।*

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